झारखंड में मंदिरों और कक्षा छह से ऊपर के शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति


रांची, 14 सितंबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में मंदिरों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। देवघर स्थित बाबा धाम, रजरप्पा छिन्मस्तिका धाम, इटखोरी स्थित भद्रकाली मंदिर सहित तमाम बड़े मंदिरों में अब प्रति घंटे 100 लोगों को पूजा अनुष्ठान में शामिल होने की अनुमति मिलेगी। छोटे धार्मिक स्थलों में एक घंटे में 50 लोग शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा स्कूलों में क्लास छह से ऊपर सभी कक्षाओं को खोलने की अनुमति दे दी गई है।


इन चीजों पर भी मिली है छूट

-धार्मिक स्थल पर संचालन से सभी संबंधित व्यक्ति जैसे पुजारी, पांडा, इमाम, पादरी इत्यादि का कम से कम एक टीका लेना अनिवार्य होगा।

-जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित धार्मिक स्थल जैसे देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर इत्यादि में ई-पास के माध्यम से अधिकतम 100 व्यक्ति एक घंटे में प्रवेश कर सकेंगे।

- धार्मिक स्थल पर स्थान की 50 प्रतिशत क्षमता में एकत्रित होने की अनुमति दी गई।

-18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी।

-सामाजिक दूरी बनाना अनिवार्य होगा।

-बिना मास्क के प्रवेश नहीं होगा।

-लगातार मास्क लगाना होगा।

- दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण की अनुमति दी गई।

-पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी।

-पंडाल में एक समय में क्षमता का 50 फीसदी या 25 से अधिक व्यक्ति (जो कम हो) के एकत्रित होने पर रोक रहेगी।

-मेला आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

-मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई पांच फीट होगी।

-कोई तोरण या स्वागत द्वार नहीं बनेगा।

-पंडाल किसी थीम पर आधारित नहीं होगा।

-पंडाल तीन तरफ़ से घेरा जाएगा।

- भोग वितरण नहीं किया जाएगा।

-पूजा समिति द्वारा आमंत्रण पत्र नहीं वितरित किया जाएगा।

-आवश्यक रोशनी को छोड़कर आकर्षक रोशनी प्रतिबंधित होगी।

-सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे गरबा, डांडिया इत्यादि प्रतिबंधित रहेंगे।

-18 वर्ष से कम के व्यक्ति का प्रवेश अपेक्षित नहीं है।

-खाने पीने की कोई दुकान या ठेला आसपास नहीं लगेगा।

-विसर्जन जुलूस नहीं निकलेगा।

-जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान पर विसर्जन किया जाएगा।

-पंडाल में किसी भी समय कोई व्यक्ति बिना मास्क के नहीं होगा।

-ढाक की अनुमति होगी।

-कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा के सभी वर्ष की ऑफलाइन कक्षा की अनुमति दी गई।

-स्कूल में छह से आठ तक ऑफलाइन कक्षा की अनुमति दी गई।

-सभी खेलकूद की गतिविधियों की बगैर दर्शक के आयोजन की अनुमति दी गई।

-बार और रेस्तरां को 11 बजे रात तक खोलने की अनुमति दी गई।